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Tuesday, August 27, 2013

Upper Primary Teacher Recruitment UP: 29334 Junior High school Teacher Recruitment Advertisement

Monday, January 21, 2013

प्रशिक्षु शिक्षकों की मेरिट लिस्ट

लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों के रिक्त 72,825 पदों पर प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए मंगलवार को जिलावार मेरिट लिस्ट जारी होंगी। मेरिट लिस्ट वेबसाइट पर देखी जा सकेगी।

मेरिट लिस्ट में चयनित अभ्यर्थियों की 29 जनवरी से संबंधित जिलों में काउंसिलिंग शुरू होगी। इसके बाद वरीयता क्रम में वर्ग/श्रेणीवार रिक्तियों के अनुसार चयन की कार्यवाही की जाएगी। मेरिट में अभ्यर्थियों का चयन गुणवत्ता अंक के आधार पर होगा। मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों के गुणवत्ता अंक समान होने पर अधिक आयु के अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। गुणवत्ता अंक और आयु दोनों समान होने पर अभ्यर्थी का चयन अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में रखा जाएगा। प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर चयनित अभ्यर्थियों को प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र मे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से अनुमोदित छह महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद उन्हें सहायक अध्यापक की मौलिक नियुक्ति दी जाएगी।

उधर हाई कोर्ट की खंडपीठ के शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत अंक के साथ स्नातक और बीएड करने वालों को अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किये बिना आवेदन करने के आदेश के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका दाखिल करेगा। बेसिक शिक्षा विभाग इस संबंध में विधिक परामर्श ले रहा है।

UPTET MERIT LIST

परिषदीय प्राथमिक विघालयों में प्रशिक्षु शिक्षक के पद पर बी0एड / बी. एड. (विशेष शिक्षा) / डी. एड. (विशेष शिक्षा) योग्‍यताधारी एवं टी0ई0टी0 उत्‍तीर्ण अभ्‍यर्थियों के नियुक्ति हेतु आनलाइन आवेदन में आवेदक द्वारा भरे गये विवरण के आधार पर जनपद की सूची में रैंकलिस्ट आ गयी है

 

http://upbasiceduboard.gov.in/rank.aspx

Monday, December 31, 2012

Shadow Merit List

OF UPTET 2012

Shadow Merit List

This Page is For Creating a Shadow Merit List Of Primary Teacher Recruitement..............

Plz Fill Your "GUDANK" Honestly. This will help you to decide that how many Disst. you should apply and where you stand in this recruitement.....

NAME

CAT
GEN SC ST OBC

STREAM
ScienceArt

GENDER
Male Female

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Sunday, December 9, 2012

Advertisement FOR VBTC

परिषदीय प्राथमिक विघालयों में प्रशिक्षु शिक्षक के पद पर बी0एड योग्‍यताधारी एवं टी0ई0टी0 उत्‍तीर्ण अभ्‍यर्थियों के नियुक्ति हेतु आनलाइन आवेदन प्रणाली

Date of Advertisement Notification – 7 December, 2012

*. Starting Date to deposit E-Challans – 7 December, 2012

*. Starting Date to Apply Online ( Online Application ) – 9 December, 2012

*. Last Date to Apply For the Recruitment – 31 December, 2012

*. Merit List will be published on –15 January, 2013

*. Counselling of Selected Candidates – 21 January, 2013

*. Documents Verification & Medical Examination – With in 30 days

*. Posting of the candidates, finally selected – With in 2 Days After Documents Verification

आवेदन भरने की अंतिम तिथि - 31 दिसंबर

.ऑनलाइन ई-चालान जमा होंगे - 7 दिसंबर से

•ऑनलाइन ई-आवेदन जमा होंगे चालान जमा

•मेरिट लिस्ट का प्रकाशन वेबसाइट पर - 15 जनवरी 2013

•चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग - 21 जनवरी से

•प्रमाण पत्रों का सत्यापन एवं मेडिकल - 30 दिन के अंदर

•चयनितों को तैनातीप्रमाण पत्र सत्यापन और मेडिकल के दो दिन बाद

How To Apply : -

आवेदन ऐसे करें

आवेदन करने से पहले भारतीय स्टेटबैंक से सचिव उत्तर प्रदेश बेसिकशिक्षा परिषद इलाहाबाद के नाम सेई-चालान बनवाना होगा। निर्धारितशुल्क जमा करने के दो बैंकिंग कार्यदिवस के बाद ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। ई-आवेदन पत्र भरने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

Tuesday, December 4, 2012

72,825 सहायक शिक्षकों की सीधी भर्ती को मंजूरी

 

कैबिनेट का फैसला: टीईटी पास बीएड डिग्रीधारक बनेंगे प्रशिक्षु अध्यापक, गणित-विज्ञान के शिक्षकों के लिए 50% पद आरक्षित

•अमर उजाला ब्यूरो

लखनऊ। राज्य सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षकों की सीधी भर्ती को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास बीएड डिग्रीधारकों को 72 हजार 825 प्रशिक्षु अध्यापक के पद पर रखने का रास्ता साफ हो गया है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली 1981 में किए गए संशोधन की मंजूरी दे दी गई, लेकिन विधान मंडल सत्र चलने के कारण सरकार ने इन फैसलों को सार्वजनिक नहीं किया।

कैबिनेट में मंजूरी के मुताबिक, शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बीटीसी पास अभ्यर्थियों की कमी है। इसलिए यूपी टीईटी और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद नई दिल्ली द्वारा आयोजित टीईटी पास बीएड, बीएड (विशेष शिक्षा) व डीएड (विशेष शिक्षा) डिग्रीधारियों को प्रशिक्षु शिक्षक के पद पर होने वाली सीधी भर्ती के लिए पात्र मान लिया गया है।

शेष पेज 7 पर

7300

शिक्षकों की भर्ती के लिए हाईस्कूल 10%, इंटरमीडिएट 20%, स्नातक 40% और बीएड को 30%गुणांक मानते हुए मेरिट बनाई जाएगी। इसके लिए जिलेवार ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इस संबंध में शीघ्र ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है।

नियत वेतनमान होगा प्रशिक्षु शिक्षकों का

2,57,939

1.60

यह है स्थिति

•449 नए स्कूलों में होंगी 5000 भर्तियां

लखनऊ (ब्यूरो)। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2011-2012 में खुले 449 राजकीय हाई स्कूलों में पांच हजार भर्तियां की जाएंगी। स्कूलों में पद सृजन का आदेश शासन ने जारी कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी शासनादेश में प्रति स्कूल नौ पदों का सृजन किया गया है। इनमें सात शिक्षक, एक प्रधानाध्यापक, एक लिपिक के अलावा सेवा प्रदाता के माध्यम से प्रति स्कूल दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होंगे।

कैबिनेट के अन्य फैसले ः पेज 8

•एडेड विद्यालयों में भर्ती के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य

•निजी विश्वविद्यालय खोलना हुआ अब आसान

•मोअल्लिम को टीईटी से छूट पर सीएम करेंगे फैसला

Tuesday, November 20, 2012

UPTET NEWS: शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव स्थगित

UPTET : शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव स्थगित

लखनऊ। टीईटी पास बीएड बेरोजगारों को शिक्षक बनने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। बेसिक स्कूलों में सीधे प्रशिक्षु शिक्षक रखने के लिए नियमावली संशोधन संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी नहीं मिली। नियमावली संशोधन संबंधी प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया है अब इस पर बाद में निर्णय किया जाएगा।

News Source : Amar Ujala (21.11.12)

Thursday, November 1, 2012

बीएड डिग्रीधारक बनेंगे प्रशिक्षु शिक्षक

बीएड डिग्रीधारक बनेंगे प्रशिक्षु शिक्षक

जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 72,825 रिक्त पदों पर अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों को चयन के बाद पहले प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में उन्हें 7300 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की मंशा के अनुसार प्रशिक्षु शिक्षक जैसे प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में छह महीने की ट्रेनिंग पूरी करते जाएंगे, वैसे-वैसे उन्हें स्थायी शिक्षक की मौलिक नियुक्ति दी जाती रहेगी। मौलिक नियुक्ति होने पर उन्हें स्थायी शिक्षक का वेतनमान मिलने लगेगा। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बनी। प्रदेश में पहली बार प्रस्तावित इस व्यवस्था को अमली जामा पहनाने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में संशोधन करके परिषदीय स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त करने और ट्रेनिंग के बाद उन्हें मौलिक नियुक्ति देने का प्राविधान जोड़ा जाएगा। यह भी तय हुआ है कि टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों का प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर चयन करने के लिए अभ्यर्थियों के हाईस्कूल के प्राप्तांक प्रतिशत के 10, इंटरमीडिएट के 20, स्नातक के 40 व बीएड के 30 प्रतिशत अंकों को जोड़कर मेरिट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर ही चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग का क्रम तय किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की मंशा है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में नवंबर के अंत तक संशोधन किया जाए। फिर दिसंबर से टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये जाएंगे। इससे पहले यह तय हुआ था कि 72,825 पदों पर भर्ती के लिए टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों का मेरिट के आधार पर चयन कर पहले उन्हें छह महीने का विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। यह भी तय हुआ था कि चयन की जो मेरिट बनेगी उसमें अभ्यर्थियों द्वारा हाईस्कूल में प्राप्तांक प्रतिशत के 10, इंटरमीडिएट के 20 व स्नातक के 40 प्रतिशत अंकों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, यदि अभ्यर्थी को बीएडके थ्योरी और प्रैक्टिकल में प्रथम श्रेणी प्राप्त हुई है तो उसे प्रत्येक के लिए 12-12, द्वितीय श्रेणी के लिए 6-6 और तृतीय श्रेणी के लिए 3-3 अंक मिलेंगे। मेरिट निर्धारण में बीएड के अंकों को लेकर सवाल उठाये जा रहे थे। कहा जा रहा था कि श्रेणियों के आधार पर मनमाने तरीके से अंक तय करना उचित नहीं है। विभाग को शिक्षकों की भर्ती में नयी व्यवस्था लागू करने के बारे में इसलिए सोचना पड़ा क्योंकि एनसीटीई ने बीएड डिग्रीधारकों को शिक्षक नियुक्त करने के लिए 31 मार्च 2014 तक का समय दिया है। यदि अभ्यर्थियों का पहले विशिष्ट बीटीसी ट्रेनिंग के लिए चयन करने के बाद उन्हें नियुक्ति दी जाती तो प्रदेश में एक बैच में अधिकतम 20,000 अभ्यर्थियों को ही ट्रेनिंग देने की क्षमता है। चार बैच को ट्रेनिंग देने में कम से कम दो वर्ष का समय लगता और तब तक स्वीकृत समयसीमा बीत जाती। समय बीतने के बाद शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाती। दूसरा, जो नयी व्यवस्था सोची गई है, उसमें मेरिट निर्धारण में बीएड के अंकों को लेकर उठायी जा रही आपत्ति भी दूर हो सकेगी।

विशिष्ट बीटीसी चयन 2012 स्थगित

विशिष्ट बीटीसी चयन 2012 स्थगित

बेसिक शिक्षा मंत्री की अगुवाई में निर्णय, अब प्राइमरी शिक्षकों की होगी सीधी भर्ती

•अमर उजाला ब्यूरो

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की अब सीधी भर्ती की जाएगी इसलिए विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया 2012 स्थगित कर दी गई है। अब इसके लिए अध्यापक सेवा नियमावली के नियम 14 में शिक्षकों की सीधी भर्ती का प्रावधान किया जाएगा। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया फिलहाल कुछ माह के लिए लटक सकती है।

बैठक में तय किया गया कि विशिष्ट बीटीसी के स्थान पर पहले टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों प्रशिक्षु शिक्षक रखा जाएगा। इसके लिए गुणांक के आधार पर मेरिट का निर्धारण करते हुए प्रशिक्षु शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इसमें हाईस्कूल का 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट का 20, स्नातक 40 और बीएड का 30 प्रतिशत अंक जोड़ते हुए मेरिट बनाई जाएगी। चयनित प्रशिक्षु शिक्षकों को बाद में छह माह की विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग लेनी होगी। ट्रेंड शिक्षक होने से पहले उन्हें 7300 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। प्रशिक्षु शिक्षकों को नियुक्ति देने से पहले अध्यापक सेवा नियमावली के नियम- 14 में इसका प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा निदेशालय से नवंबर में प्रस्ताव प्राप्त कर दिसंबर में ऑनलाइन आवेदन लेने पर सहमति बनी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के साथ राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने देश के सभी राज्यों को बीएड डिग्रीधारकों को सहायक अध्यापक पद पर सीधी भर्ती की अनुमति दी थी। इसके लिए शर्त रखी गई कि शिक्षकों की भर्ती 1 जनवरी 2012 तक की जाएगी और इसके लिए टीईटी पास ही पात्र होंगे। यूपी में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए नवंबर 2011 में प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन टीईटी में गड़बड़ी के चलते भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया 2012 स्थगित

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की अब सीधी भर्ती की जाएगी। इसलिए विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया 2012 स्थगित कर दी गई है। अब इसके लिए अध्यापक सेवा नियमावली के नियम 14 में शिक्षकों की सीधी भर्ती का प्रावधान किया जाएगा। दूसरी ओर शासन ने 2012 में टीईटी नहीं कराने का फैसला किया है। अब नए वर्ष यानी 2013 में कराने पर सहमति बन गई है।

UPTET NEWS

पहले प्रशिक्षु शिक्षक बनाये जाएंगे बीएड डिग्रीधारक - छह महीने की ट्रेनिंग के बाद होगी मौलिक नियुक्ति - मेरिट में हाईस्कूल पर्सेंटेज के 10, इंटर के 20, स्नातक के 40 व बीएड के 30 फीसदी अंक जुड़ेंगे - उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में होगा संशोधन जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 72,825 रिक्त पदों पर अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों को चयन के बाद पहले प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में उन्हें 7300 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की मंशा के अनुसार प्रशिक्षु शिक्षक जैसे प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में छह महीने की ट्रेनिंग पूरी करते जाएंगे, वैसे-वैसे उन्हें स्थायी शिक्षक की मौलिक नियुक्ति दी जाती रहेगी। मौलिक नियुक्ति होने पर उन्हें स्थायी शिक्षक का वेतनमान मिलने लगेगा। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बनी। प्रदेश में पहली बार प्रस्तावित इस व्यवस्था को अमली जामा पहनाने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में संशोधन करके परिषदीय स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त करने और ट्रेनिंग के बाद उन्हें मौलिक नियुक्ति देने का प्राविधान जोड़ा जाएगा। यह भी तय हुआ है कि टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों का प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर चयन करने के लिए अभ्यर्थियों के हाईस्कूल के प्राप्तांक प्रतिशत के 10, इंटरमीडिएट के 20, स्नातक के 40 व बीएड के 30 प्रतिशत अंकों को जोड़कर मेरिट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर ही चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग का क्रम तय किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की मंशा है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में नवंबर के अंत तक संशोधन किया जाए। फिर दिसंबर से टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये जाएंग

Wednesday, October 31, 2012

विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के भी जुड़ेंगे अंक

विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के भी जुड़ेंगे अंक

एससीईआरटी ने शासन को भेजा प्रस्ताव

अमर उजाला ब्यूरो

लखनऊ। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने यह साफ कर दिया है कि विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के भी अंक जोड़े जाएंगे। विशिष्ट बीटीसी खासकर बीएड वालों के लिए है, इसलिए इसका अंक जोड़ना अनिवार्य है। एससीईआरटी ने बुधवार को इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव में पुराने पैटर्न यानी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड के प्राप्तांकों को सीधे जोड़कर मेरिट बनाने का भी सुझाव दिया गया है। इसमें कहा गया है कि गुणांक के आधार पर भी मेरिट का निर्धारण किया जा सकता है। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी द्वारा बुधवार को बुलाई गई बैठक अब गुरुवार को होने की संभावना है।

प्रदेश में 72 हजार 825 विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए चयन प्रक्रिया शुरू की जानी है। इसके लिए शासनादेश जारी होना है। शासन स्तर पर पूर्व में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड के अंकों को गुणांक के आधार पर जोड़ते हुए मेरिट बनाने पर सहमति बनी थी, लेकिन बेसिक शिक्षा मंत्री ने इस पर संशोधित प्रस्ताव एससीईआरटी से मांग लिया। इसमें पूछा गया कि विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के अंकों को जोड़ना कहां तक उचित होगा।

सूत्रों का कहना है कि एससीईआरटी ने बुधवार को संशोधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें सुझावदिया गया है कि पूर्व की तरह इस बार भी विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया पूरी की जाए। पूर्व में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातकऔर बीएड के प्राप्तांकों को सीधे जोड़कर मेरिट बनाई जाती रही है। इसी तरह इस बार भी मेरिट बनाई जा सकती है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि गुणांक के आधार पर मेरिट बनाई जा सकती है। एससीईआरटी के प्रस्ताव पर अब शासन को अंतिम निर्णय करना है।

पुराने पैटर्न पर भी करने का दियासुझाव

Wednesday, October 10, 2012

UPTET NEWS 2012

जागरण ब्यूरो, लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के 72,825 पदों पर भर्ती के लिए होने वाले विशिष्ट बीटीसी चयन में उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में निर्धारित व्यवस्था के आधार पर मेरिट बनायी जाएगी। शासन स्तर पर इस बारे में सहमति बनने के बाद अब इस प्रस्ताव पर बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी से मंजूरी ली जाएगी। उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मेरिट तय करने की जो व्यवस्था निर्धारित की गई है उसमें अभ्यर्थी को हाईस्कूल में मिले प्राप्तांक प्रतिशत के 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट में हासिल प्राप्तांक प्रतिशत के 20 प्रतिशत और स्नातक के 40 फीसदी अंश को अंकों के रूप में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यदि उसने बीएड की परीक्षा में थ्योरी और प्रैक्टिकल में प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी हासिल की हो तो दोनों के लिए उसे क्रमश: 12, छह और तीन अंक दिये जाएंगे। प्रमुख सचिव सुनील कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में यह तय हुआ कि शिक्षकों की भर्ती के संदर्भ में अभ्यर्थियों को छह महीने का विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण देने के लिए जो चयन होगा उसकी मेरिट उप्र बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली के प्रावधान के अनुसार होगी। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के 72,825 पदों पर बीएड डिग्रीधारकों की भर्ती के लिए पहले छह माह के विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण के लिए उनका चयन किया जाएगा। विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया अपनायी जाएगी। पूर्व के वर्षों में विशिष्ट बीटीसी चयन के लिए अभ्यर्थियों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड परीक्षाओं में हासिल प्राप्तांक प्रतिशत को जोड़कर मेरिट बनायी जाती थी। शासन स्तर पर यह विचार भी उभरा था कि विशिष्ट बीटीसी चयन में विभिन्न बोर्ड और विवि के अंकों में समतुल्यता हासिल करने की पद्धति अपनायी जाए फिलहाल इसको ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

Sunday, October 7, 2012

विशिष्ट बीटीसी के बाद भी शिक्षक बनने की गारंटी नहीं

विशिष्ट बीटीसी के बाद भी शिक्षक बनने की गारंटी नहीं
लखनऊ। यूपी में विशिष्ट बीटीसी करने के बाद भी तुरंत शिक्षक बनने की गारंटी नहीं होगी। ट्रेनिंग करने वालों को विशिष्ट बीटीसी का केवल प्रमाण पत्र मिलेगा। इसके बाद उन्हें शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए अलग से आवेदन करना होगा। इसमें चयनित किए जाने वालों को प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाया जाएगा। इस संबंध में बेसिक शिक्षा परिषद ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है और इस पर लगभग सहमति बनती हुई दिख रही है। विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया के लिए जारी किए जाने वाले शासनादेश में इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
प्रदेश में अभी तक विशिष्ट बीटीसी करने वालों को कोर्स समाप्त होने के तुरंत बाद प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाया जाता रहा है। पर इस बार विशिष्ट बीटीसी का कोर्स करने वालों को सहायक अध्यापक तुरंत नहीं बनाया जाएगा। शासन स्तर पर हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में विचार-विमर्श के दौरान यह बात सामने आई कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण भी केवल कोर्स है और इसे करने वाला केवल आवेदन करने के लिए पात्र माना जा सकता है। इसलिए इसे करने वाले सीधे शिक्षक नहीं बनाया जा सकता है। शासन स्तर पर हुई बातचीत के बाद बेसिक शिक्षा परिषद से प्रस्ताव मांगा गया था। बेसिक शिक्षा परिषद से भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक यूपी में 72 हजार 825 शिक्षक पदों पर होने वाली भर्ती इसकी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।

Wednesday, September 19, 2012

UPTET NEWS 2011

शिक्षक भर्ती के लिए करना होगा ऑनलाइन आवेदन

जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती के लिए निकट भविष्य में शुरू होने वाली प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। शासन स्तर पर इस बारे में सहमति बन चुकी है। उधर अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के आयोजन की जिम्मेदारी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद को सौंपे जाने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने अनुमोदित कर दिया है। मंगलवार को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तय हुआ कि परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है। साथ ही आवेदनों में धांधली की गुंजायश न के बराबर होती है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने राज्य सरकार को बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को 31 मार्च 2014 तक शिक्षक नियुक्त करने के लिए समयसीमा में छूट दे दी है। उधर हाई कोर्ट ने भी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है। ऐसे में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जल्द विज्ञापन जारी होने की संभावना है। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बेसिक शिक्षा विभाग जिलेवार रिक्तियों का ब्योरा इकट्ठा कर रहा है।

Sunday, September 16, 2012

शिक्षकों की भर्ती इस बार नए फार्मूले पर

शिक्षकों की भर्ती इस बार नए फार्मूले पर

बीएड परसेंटेज को नहीं मिलेगा अधिक वेटेज

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक की भर्ती इस बार नए फार्मूले पर की जाएगी। इसमें हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक के अंक प्रतिशत को अधिक वेटेज दिया जाएगा पर बीएड के परसेंटेज को अधिक वेटेज नहीं मिलेगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने नया फार्मूला हाईकोर्ट में भी प्रस्तुत कर दिया है और वहां कहा है कि शिक्षकों की भर्ती इस बार इस नए फार्मूले के आधार पर ही की जाएगी। अभी तक शिक्षकों की भर्ती के लिए हाईस्कूल, इंटर, स्नातक और बीएड में मिले प्राप्तांकों को जोड़कर सीधे मेरिट बनाकर की जाती रही है।

यूपी में इस बार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए टीईटी पास होने वाला ही पात्र माना गया है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने यूपी में 31 मार्च 2014 तक शिक्षकों की भर्ती की अनुमति दे दी है। यूपी में इस बार नए फार्मूले के तहत शिक्षकों की भर्ती के लिए मेरिट बनाई जाएगी। इसके अनुसार हाईस्कूल के कुल प्रतिशत का 10 अंक, इंटर के कुल प्रतिशत का 20 व स्नातक का 40 अंक और बीएड में प्रथम श्रेणी या उससे ऊपर पर थ्यौरी व प्रैक्टिकल का 12-12 अंक, द्वितीय श्रेणी या इससे ऊपर होने पर 6-6 और तृतीय श्रेणी या उससे ऊपर पर 3-3 अंक जोड़ा जाएगा।

उदाहरण के लिए यदि हाईस्कूल में किसी अभ्यर्थी को 60 प्रतिशत नंबर मिले हैं तो मेरिट में इसका 10वां हिस्सा 6 अंक या 70 प्रतिशत नवंबर मिले हैं, तो इसका 10वां हिस्सा 7 अंक जोड़ा जाएगा। इसी तरह इंटर में 60 प्रतिशत नंबर मिले हैं, तो 20 प्रतिशत के हिसाब से 12 अंक और स्नातक में 60 फीसदी नवंबर मिले हैं तो 40 प्रतिशत से गुणा करके 24 अंक दिया देते हुए मेरिट निर्धारित की जाएगी। बीएड का केवल प्रथम श्रेणी होने पर 12 अंक, द्वितीय श्रेणी होन पर 6 और तृतीय श्रेणी होने पर 3 अंक ही जोड़े जाएंगे।

यूपी में इसके पहले सीधे-सीधे प्रतिशत को जोड़कर मेरिट का निर्धारण किया जाता था। इसके चलते पूर्वांचल या फिर पश्चिमी यूपी के काफी संख्या में अभ्यर्थी नौकरी पाने में सफल हो जाते थे, क्योंकि पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के विश्वविद्यालय बीएड में थ्यौरी और प्रैक्टिल में अधिक नंबर देते हैं। इसलिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि हाईस्कूल, इंटर और स्नातक में अच्छे अंक पाने वालों को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी मिल सके।

UPTET 2011 NEWS