Friday, August 31, 2012
Wednesday, August 29, 2012
Tuesday, August 28, 2012
प्रवक्ता स्क्रीनिंग परीक्षा का कार्यक्रम जारी
प्रवक्ता स्क्रीनिंग परीक्षा का कार्यक्रम जारी
इलाहाबाद : लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को राजकीय महाविद्यालयों में प्रवक्ता के पदों के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रवक्ता परीक्षा 2007 के इतिहास की परीक्षा 17 सितंबर को प्रथम सत्र में होगी। द्वितीय सत्र में बीएड की परीक्षा होगी। प्रथम सत्र का समय 9.30 से 11.30 रखा गया है। द्वितीय सत्र का समय 2.30 से 4.30 रखा गया है। 18 सितंबर को प्राचीन इतिहास, कंप्यूटर विज्ञान व माइक्रोबायोलॉजी की परीक्षा होगी। प्रवक्ता-2012 के 15 विषयों की परीक्षा 29 सितंबर को होगी। 29 सितंबर को अर्थशास्त्र, भौतिक विज्ञान, गणित, जंतु विज्ञान, भूगोल, मनो विज्ञान, रसायन विज्ञान व रक्षा अध्ययन की परीक्षा प्रथम पाली में होगी। द्वितीय पाली में वाणिज्य राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, अंग्रेजी, सांख्यिकी व दर्शनशास्त्र की परीक्षा होगी। परीक्षा इलाहाबाद के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। ऑनलाइन मिलेंगे प्रवेश पत्र : अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र ऑनलाइन मिलेंगे। अभ्यर्थी आठ सितंबर से आयोग की वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। परीक्षा में बैठने के लिए अभ्यर्थियों को नेट के प्रवेश पत्र के साथ दो नवीनतम फोटो के साथ उपस्थित होना होगा। जिन अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध न हों वे आयोग कार्यालय से 12 सितंबर तक अपना प्रत्यावेदन दे दें। इसके बाद आयोग कोई भी प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं करेगा। इस परीक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम पहले ही आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दिए गए हैं। प्रवक्ता 2007 शिक्षाशास्त्र व प्रवक्ता 2012 के बचे 14 विषयों की परीक्षा तिथियां शीघ्र घोषित की जाएंगी।
अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को राज्य में पात्रता परीक्षा का दर्जा
जागरण ब्यूरो, लखनऊ शिक्षा के अधिकार कानून के तहत कक्षा एक से आठ तक में शिक्षकों की भर्ती के लिए अनिवार्य की गई अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को राज्य में पात्रता परीक्षा का दर्जा मिल गया है। टीईटी को पात्रता परीक्षा देने के लिए कैबिनेट ने मंगलवार को उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 की धारा-14 में संशोधन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। नियमावली में इस संशोधन के बाद शिक्षकों की भर्ती का आधार टीईटी की मेरिट की बजाय हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक के अंकों के आधार पर जिला स्तर पर तैयार की जाने वाली मेरिट होगी। कैबिनेट ने नियमावली की धारा-8 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी देकर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा के रूप में टीईटी के साथ अब केंद्र सरकार द्वारा आयोजित केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) को भी मान्यता दे दी है। इस संशोधन के बाद सीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी राज्य में शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन कर सकेगा। नियमावली की धारा-5 में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति देकर कैबिनेट ने परिषदीय जूनियर हाईस्कूलों में विज्ञान और गणित शिक्षकों के 50 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है। शेष 50 फीसदी पद प्रोन्नति से भरे जाएंगे। इससे पहले शिक्षकों के सभी पद प्रोन्नति से ही भरने की व्यवस्था थी। नियमावली की धारा-21 में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर कैबिनेट ने परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादलों की पुरानी व्यवस्था को भी बहाल कर दिया है। मायावती सरकार के कार्यकाल में शिक्षकों को उनकी मर्जी के मुताबिक एक से दूसरे जिले में तबादला करने की सुविधा देने के मकसद से नियमावली में संशोधन किया गया था। इन तबादलों में शिक्षिकाओं को वरीयता दी गई थी। इसके लिए शिक्षकों से बीती 31 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद ने हाल ही में 24,392 शिक्षकों के तबादले किए थे। इस व्यवस्था को समाप्त कर अंतर जनपदीय तबादले की पूर्व में प्रचलित व्यवस्था फिर से लागू कर दी गई है। शिक्षकों की नियुक्ति की न्यूनतम आयु 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करने के लिए नियमावली की धारा-6 में भी संशोधन का प्रस्ताव मंजूर किया गया है।
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